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इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) रेल मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक अनुसूची '' / मिनीरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है।

 

कंपनी की स्थापना दिसंबर 1986 में घरेलू और विदेशी बाजारों से धन जुटाने के लिए की गई थी ताकि भारतीय रेलवे की अतिरिक्त बजटीय संसाधनों की आवश्यकता के प्रमुख हिस्से को पूरा किया जा सके।

 

स्थापना के बाद से, आईआरएफसी ने 13,349 लोकोमोटिव, 73,979 यात्री कोच और 2,59,661 माल वैगनों के अधिग्रहण के लिए वित्त पोषण किया है। भारतीय रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण को समर्थन देने के लिए हमारा केंद्रित दृष्टिकोण हमें भारतीय रेलवे को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए पूरी तरह से तैयार रखता है।

 

कंपनी ने ईबीआर फंडिंग के हिस्से के रूप में सभी वित्तीय स्पेक्ट्रम से धन जुटाने के माध्यम से भारतीय रेलवे के वार्षिक योजना परिव्यय को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंत तक आईआरएफसी द्वारा भारतीय रेलवे क्षेत्र के लिए संचयी वित्त पोषण 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है।

 

भारतीय रेलवे ने भारतीय रेलवे प्रणाली के आधुनिकीकरण, उन्नयन और विकास के लिए बड़े पैमाने पर निवेश परिव्यय शुरू किया है। तद्नुसार, आईआरएफसी द्वारा वित्त पोषण में तेजी से वृद्धि हुई है जो इस तथ्य से स्पष्ट है कि संचयी वित्त पोषण पिछले 5 वर्षों के दौरान 2.95 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो स्थापना के बाद से किए गए कुल संवितरण का लगभग 61% है।

 

कंपनी साल-दर-साल भारतीय रेलवे के प्रयासों को पर्याप्त रूप से समर्थन देने के लिए अपने उधार पोर्टफोलियो में लगातार विविधता ला रही है। आईआरएफसी को घरेलू पूंजी बाजार में सबसे अच्छा क्रेडिट माना जाता है जिसने इसे समान इको सिस्टम में अन्य संस्थाओं की तुलना में लगातार 35 से 40 बीपीएस कम धन जुटाने में सक्षम बनाया है। विदेशी वित्तीय बाजारों में अपने साथियों की तुलना में आईआरएफसी द्वारा प्राप्त लागत लाभ 60 से 65 बीपीएस की सीमा में है।

 

आईआरएफसी अपने उधार पोर्टफोलियो और अन्य रास्ते में विविधता लाने के विकल्प भी खोज रहा है, जहां हम अन्य इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस कर सकते हैं, जिनके ऋण पोर्टफोलियो की पर्याप्त रिंग फेंसिंग के साथ उचित प्रौद्यौगिकी वाणिज्यिक सम्यक तत्परता के साथ सरकारी या निजी क्षेत्र में भारतीय रेलवे के साथ बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज हो रहे हैं।

 

चूंकि, हमारे पास बहुत ही प्रतिस्पर्धी दरों पर धन जुटाने की अंतर्निहित ताकत और लाभ है, इसलिए हम उधार पोर्टफोलियो के कुशल और प्रभावी विविधीकरण की दिशा में अपने लाभ के लिए इसका लाभ उठाना चाहेंगे।

 

आईआरएफसी की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता को मुख्य रूप से प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा सर्वोत्तम संभव रेटिंग के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। कंपनी को रेल मंत्रालय, भारत सरकार के साथ निष्पादित समझौता ज्ञापन में निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में अपने कार्य निष्पादन के लिए सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा लगातार 'उत्कृष्ट' ग्रेड दिया गया है।

 

आईआरएफसी ने 2016-17 से लगातार "उत्कृष्ट" कार्य निष्पादन रेटिंग हासिल की है। वित्त वर्ष 2021 के वित्तीय परिणामों के आधार पर आईआरएफसी को फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों में 96वां स्थान मिला था।

 

आईआरएफसी न केवल रेलवे परियोजनाओं के लिए एक वैश्विक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग संगठन बनने की दिशा में काम कर रही है, बल्कि एक विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कंपनी के रूप में भी विकसित हो रही